एक ऐसा गांव जहा कुछ भी छूने पर जुर्माना

एक ऐसा गांव जहा कुछ भी छूने पर जुर्मानाएक ऐसा गांव जहा कुछ भी छूने पर जुर्माना - ये दुनिया कई रहस्यों से भरी हुई है कुछ जानकारी ऐसी मिलती है कि समझ नहीं आता उस पर हैरत करें या विश्वास।
 
आज भी हम आपको कुछ ऐसी ही दिलचस्प बातों से रूबरू कराने जा रहे हैं।

हम आपको भारत के कुछ ऐसे रहस्यमयी गांवों के बारे में बताने जा रहे है। जिनके बारे में आपने शायद ही कभी सुना हो।

मलाणा: हिमायल का ऐथंस

मलाणा- एक प्राचीन गांव - मलाणा, हिमाचल राज्य की कुल्लू घाटी के उत्तर पूर्व में स्थित एक प्राचीन गांव है. यह गांव पार्वती घाटी में चंद्रखानी  और देओटिब्बा नाम की पहाड़ियों से घिरा हुआ मलाणा नदी के किनारे स्थित है।

एक ऐसा गांव जहा कुछ भी छूने पर जुर्माना।

मलाणा गांव आधुनिक दुनिया से अप्रभावित है और इस गांव में रहने वाले लोगों की अपनी जीवन शैली और सामाजिक सरंचना है। यहां के लोग अपने रीति-रिवाजों का बड़ी सख्ती से पालन करते हैं।

इतिहास - मलाणा गांव का इतिहास बहुत पुराना है। बहुत समय पहले इस गांव में “जमलू ऋषि” रहा करते थे. उन्होंने ही इस गांव के नियम-कानून बनाए थे। इस गांव का लोकतंत्र दुनिया का सबसे प्राचीन लोकतंत्र है।

एक ऐसा गांव जहा कुछ भी छूने पर जुर्माना।

ऐसा माना जाता है कि जमलू ऋषि को आर्यों के समय से भी पहले से पूजा जाता है। जमलू ऋषि का उल्लेख पुराणों में भी आता है।

मलाणा में रहने वाले निवासी आर्यों के वंशज माने जाते हैं। जबकि अन्य परंपरा के अनुसार मलाणा गांव के लोग अपने आपको सिकंदर के सैनिकों का वंशज मानते हैं।

 गांववालों के मुताबिक जब सिंकदर ने भारत पर आक्रमण किया तो उसके कुछ सैनिकों ने सेना छोड़ दी और यहां आकर बस गए। वहीं यहां साल में एक बार 'फागली' उत्सव मनाया जाता है। जिसमें ये लोग मुगल सम्राट अकबर की पूजा करते हैं।

भाषा व बोली - मलाणा के निवासी एक रहस्यमयी भाषा बोलते हैं, जो Kanashi / Raksh (रक्ष) के नाम से जानी जाती है. कुछ लोग इसे राक्षस बोली मानते हैं।

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 मलाणा की भाषा, संस्कृत और कई तिब्बती बोलियों का एक मिश्रण लगती है, लेकिन यह आस पास बोली जाने वाली किसी भाषा या बोली से मेल नहीं खाती.

कुछ भी छुआ तो जुर्माना - ये गांव अपने आप में काफी रहस्यमयी और दिलचस्प है। सबसे पहली बात, आपको यहां कुछ भी छूने की इजाजत नहीं है।

जी हां, सही सुना आपने, आप यहां कुछ भी छू नहीं सकते। अब इसके पीछे की वजह भी जान लीजिए।

 दरअसल, मलाणा निवासी अपनेआप को सर्वश्रेष्ठ मानते है। ऐसे में किसी बाहरी इंसान ने अगर उनके मंदिर, घर यहांतक की दुकानों को भी छू लिया तो वो उस पर एक हजार से दो हजार तक जुर्माना लगा देते हैं।

यहां के निवासी भारत का संविधान भी नहीं मानते।

एक ऐसा गांव जहा कुछ भी छूने पर जुर्माना।

 इनके अपने सदन है और उसके अपने नियम-कानून है। जिसका वो बेहद सख्ती से पालन करते हैं। इनका कहना कि नियम तोड़ने से हमारे देवता नाराज हो जाएंगे। जिससे पूरा गांव तबाह हो जाएगा। गांववाले जमलू ऋषि की पूजा करते है।

इस गांव के इतिहास के मुताबिक जमलू ऋषि ने ही इस गांव के नियम-कानून बनाए थे। इस गांव का लोकतंत्र दुनिया का सबसे प्राचीन लोकतंत्र में से एक है।

अपनी विचित्र परंपराओं लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण पहचाने जाने वाले इस गांव में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. इनके रुकने की व्यवस्था इस गांव में नहीं है। पर्यटक गांव के बाहर टेंट में रहते हैं।

एक ऐसा गांव जहा कुछ भी छूने पर जुर्माना।

कुख्यात “मलाणा क्रीम”-मलाणा क्रीम “भांग/चरस मार्किट” में सबसे महंगी और सबसे अच्छी चरस मानी जाती है। इसका कारण यहाँ की चरस में पाया जाने वाला उच्च-गुणवता का तेल है।

 स्थानीय पुलिस व प्रशासन मलाणा में भांग की खेती को हतोत्साहित करने के लिए समय समय पर अभियान चलाते हैं, फिर भी काफी मात्रा में यहाँ से भांग की तस्करी बाहरी देशों में की जाती है

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