मलबे में तब्दील हुआ अजीत पवार का विमान, रूह कंपा देगी यह खबर।

एक चौंकाने वाली ख़बर

महाराष्ट्र की राजनीति से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद ख़बर सामने आई है। राज्य के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उनका निधन हो गया है। इस हादसे से जुड़ी शुरुआती जानकारी जितनी दुखद है, उतनी ही हैरान करने वाली भी है। आइए, शुरुआती रिपोर्ट्स से सामने आई चार सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बातों पर नज़र डालते हैं।

1. पहली वजह: घना कोहरा और खराब विजिबिलिटी

किसी भी विमान हादसे की वजह हमेशा चौंकाती है, लेकिन यह जानकर हैरानी होती है कि एक आधुनिक बॉम्बार्डियर लेयरजेट 45 विमान को किसी तकनीकी खराबी ने नहीं, बल्कि घने कोहरे और बेहद कम विजिबिलिटी ने मार गिराया। शुरुआती जांच के अनुसार, विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था, जब सुबह के समय अचानक विजिबिलिटी तेजी से गिर गई और यह हादसा हो गया। टक्कर और उसके बाद लगी आग में विमान पूरी तरह से नष्ट हो गया।

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हादसे की वजह जितनी भयावह है, उतनी ही दर्दनाक है पीड़ितों की पहचान की कहानी।

2. पहचान का दर्दनाक तरीका: घड़ी और कपड़ों से हुई शिनाख्त

यह इस हादसे का सबसे दर्दनाक और झकझोर देने वाला पहलू है। विमान दुर्घटना इतनी भीषण थी कि शवों की पहचान करना लगभग नामुमकिन हो गया। ऐसे में पहचान के लिए निजी सामानों का सहारा लेना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार के शव की शिनाख्त उनकी घड़ी और कपड़ों से की गई। यह सोचना भी मुश्किल है कि एक इतने बड़े नेता की पहचान इस तरह से करनी पड़े। विमान में सवार अन्य लोगों की पहचान भी उनके कपड़ों और मलबे से बरामद अन्य वस्तुओं के आधार पर हुई।

Ajit Pawar's Plane Turned into Debris, a Heartbreaking News
मलबे में तब्दील हुआ अजीत पवार का विमान, रूह कंपा देगी यह खबर।

3. सिर्फ अजित पवार नहीं, पांच लोगों ने गंवाई जान

इस हादसे में हम अक्सर अजित पवार पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके साथ चार और लोगों की ज़िंदगियां खत्म हो गईं। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। अजित पवार के अलावा, उनके एक निजी सुरक्षा अधिकारी, एक अटेंडेंट और दो पायलटों ने भी इस दुर्घटना में अपनी जान गंवा दी। यह त्रासदी पांच परिवारों के लिए कभी न भरने वाला ज़ख्म छोड़ गई है।

4. जांच और साजिश का एंगल: DGCA की पड़ताल और राजनीतिक तूफ़ान

जहां एक तरफ आधिकारिक जांच तकनीकी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस हादसे ने एक राजनीतिक तूफ़ान को भी जन्म दे दिया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर जांच के लिए बेहद अहम होंगे, जिनसे विमान के आखिरी पलों की सच्चाई सामने आ सकेगी।

लेकिन इस आधिकारिक जांच के समानांतर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर गहरे सवाल उठाए हैं।

ममता बनर्जी ने अजित पवार के विमान हादसे की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है और इसके पीछे किसी साजिश का इशारा किया है।

इस बीच, उनके परिवार का दुख भी शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले ने सिर्फ एक शब्द का पोस्ट किया - "Devastated" (टूट गई), जो सब कुछ कह जाता है।

निष्कर्ष: पीछे छूटे सवाल

यह दुर्घटना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। अजित पवार राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे और छठी बार उप-मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे, जो महाराष्ट्र की राजनीति में उनके दबदबे को दिखाता है। यह हादसा अपने पीछे कई गहरे घाव और अनसुलझे सवाल छोड़ गया है। अब देखना यह होगा कि क्या DGCA की जांच कोहरे की थ्योरी की पुष्टि करेगी, या इस हादसे के पीछे कोई और कहानी है?


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