भारतीय लोगों के लिए Desi Ghee Superfood क्यों?

भारतीय लोगों के लिए  Desi Ghee Superfood क्यों | क्यों विशेषज्ञ रोजाना देशी घी खाने की सलाह देते हैं?

भारतीय घरों में खाने के साथ देसी घी का रिश्ता बहुत पुराना है।

ढेर सारे पोषक तत्वों के कारण देसी घी को भारत का सुपफूड माना जाता है।

हालांकि आजकल नई उम्र के लड़के-लड़कियां घी से ज्यादा मक्खन  खाना पसंद करते हैं।


घी खाने से इम्‍यूनिटी तो बढ़ती ही है साथ ही वजन कम करने में भी यह मददगार है, तभी तो कहते हैं घी एक फायदे अनेक:
क्यों विशेषज्ञ रोजाना देशी घी खाने की सलाह देते हैं?

पश्चिमी खानपान में भले ही देसी घी को उतना महत्व न दिया जाए, मगर भारतीय खानपान और भूगोल के कारण भारत के लोगों के लिए देसी घी का सेवन बहुत जरूरी है।

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दरअसल भारतीय लोगों में ऐसी कई समस्याएं पाई जाती हैं, जिनसे देसी घी बचाता है और शरीर को स्वस्थ रखता है।

आइए आपको बताते हैं भारतीय लोगों के लिए क्यों जरूरी है देसी घी का सेवन।

हालांकि यह बात भी सही कि अति किसी चीज की अच्‍छी नहीं होती और यह नियम घी खाने पर भी लागू होता है। 

लेकिन अगर घी को सही मात्रा में अपनी डाइट में शामिल किया जाए तो यह आपकी हेल्‍थ के लिए बेहद गुणकारी साबित हो सकता है।

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घी खाने से इम्‍यूनिटी तो बढ़ती ही है साथ ही वजन कम करने में भी यह मददगार है, तभी तो कहते हैं घी एक फायदे अनेक:


बटर का सबसे हेल्दी विकल्प है घी

देसी घी, मक्खन यानी बटर का सबसे अच्छा हेल्दी विकल्प है। ये बात National Center for Biotechnology Information द्वारा 2016 में छापी गई एक स्टडी में कही गई है।

इस रिसर्च में बताया गया है कि देसी घी में मक्खन के मुकाबले विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा 3 एसिड और कॉन्जुगेटेड आइनोलेइक एसिड आदि अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। जिसके कारण ये दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

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भारी खाने के पचाने में करता है मदद

भारतीयों का खानपान पश्चिमी देशों की अपेक्षा ज्यादा गरिष्ठ (भारी) होता है। हमारे यहां आमतौर पर गेंहूं के आटे और चावल का सेवन किया जाता है।

इसके अलावा भारतीय खाना बहुत अधिक तेल-मसालों से युक्त होता है, जिसके कारण इसे पचाना आसान नहीं होता है। ऐसे में अगर आप अपने खाने में देसी घी का प्रयोग करते हैं, तो खाने को पचाना आपके लिए आसान होता है।

देसी घी पाचनतंत्र को स्वस्थ रखता है और पेट की समस्याएं दूर करता है। रोटी में घी लगाकर खाने, दाल में घी डालकर खाने और सोने से पहले एक ग्लास दूध में 2 चम्मच देसी घी डालकर पीने आप जिंदगी भर स्वस्थ रह रहेंगे।


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खून की कमी दूर करे देसी घी

भारतीय महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) एक बड़ी समस्या है। 90% से ज्यादा भारतीय महिलाओं और 65% से ज्यादा भारतीय पुरुषों में खून की कमी पाई जाती है। देसी घी में कॉपर और आयरन अच्छी मात्रा में होते हैं।

इसलिए ये शरीर में खून की कमी दूर करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जिससे शरीर बुढ़ापे तक स्वस्थ रहता है और कई तरह के रोगों से बचा रहता है।

आंखों की रोशनी बढ़ाए देसी घी

भारत में 55-60 की उम्र के बाद मोतियाबिंद की समस्या बहुत आम है, यानी लोगों की नजरें इस उम्र तक कमजोर हो जाती हैं।

देसी घी में विटामिन ई, विटामिन डी, विटामिन ए और विटामिन के पाया जाता है। इसके अलावा इसमें 'कैरोटेनॉइड्स' नाम का तत्व पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार होता है।

पुराने लोग जो बचपन से ही शुद्ध देसी घी खाते थे, उनकी आंखें लंबी उम्र तक उनका साथ निभाती थीं। घी आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

हड्डियों की कमजोरी दूर करता है

आजकल भारतीय लोगों में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी होने के कारण हड्डियां जल्दी कमजोर हो जाती हैं, जिसके कारण हड्डी फ्रैक्चर होने, ऑस्टियोपोरिसिस, गठिया, अर्थराइटिस जैसी समस्याएं बहुत अधिक बढ़ गई हैं।

 1 चम्मच देसी घी में 115 कैलोरीज होती हैं। 
जबकि इसमें 14.9 ग्राम हेल्दी फैट होता है। 

इसके अलावा घी में कैल्शियम भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जिसके कारण ये हड्डियों को मजबूत बनाता है।

कॉलेस्‍ट्रोल घटाने में फायदेमंद

घी बटरिक एसिड से भरपूर होता है, जिसके ढेरों फायदे हैं।दरअसल, हमारा शरीर फाइबर को बटरिक एसिड में बदलने का काम करता है। ऐसे में अगर आप अपनी डाइट में घी शामिल करते हैं

तो इससे शरीर का काम आसान हो जाता है। घी में मौजूद बटरिक एसिड  फाइबर को एनर्जी में बदलता है जिससे आंतों की दीवार मजबूत होती है।

आपको बता दें कि बटरिक एसिड पाचन तंत्र की मरम्‍मत कर उसे हेल्‍दी रखता है। घी में कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते है जो बॉडी में बैड कॉलेस्ट्रोल को कंट्रोल में रखते हैं और गुड कॉलेस्ट्रोल को बढ़ाने का काम करते हैं।

शरीर को फ्लेक्‍सिबल बनाता है

पुराने जमाने में साधु-संत और योगी अपना खाना घी में ही बनाते थे। दरअसल, घी जोड़ों में मौजूद ल‍िक्‍विड को कम नहीं होने देता।

जोड़ों में ल‍िक्‍विड होने से उनमें दर्द भी नहीं होता और साथ ही उनकी लोच भी बनी रहती है।योग करने वाले ज्‍यादातर लोग घी खाते हैं ताकि शरीर की फ्लेक्‍सिब‍िलिटी बनी रहे।

वजन कम करने में मददगार

ऑलिव ऑयल और नारियल के तेल की तरह ही घी में भी हेल्‍दी फैट होता है जिससे आपको खराब फैट भगाने और वजन कम करने में मदद मिलती है।

सेलिब्रिटी न्‍यूट्रिशनिस्‍ट रुजुता द्व‍िवेकर के मुताबिक, 'घी में एमिनो एसिड होता है जो जमे हुए फैट को पिघलाकर फैट सेल्‍स का साइज पहले की तरह करने में मदद करता है।

 अगर आपको लगता है कि आपके शरीर में फैट जल्‍दी इकट्ठा होने लगता तो आपको अपनी डाइट में घी जरूर शामिल करना चाहिए।

दिमाग के लिए अच्‍छा और विटामिन का खजाना

आयुर्वेद के मुताबिक घी दिमाग के लिए फायदेमंद है। घी दिमाग को तेज बनाने के साथ ही याद्दाश्‍त बढ़ाता है।हालांकि मार्डन साइंस अभी इस बात को नहीं मानता। 

इसके अलावा घी विटामिन A, D, E और K से भरपूर है जिनकी हमारे शरीर को रोज जरूरत पड़ती है।

विटामिन A तेज आंखों और नम त्‍वचा के लिए जरूरी है। 

वहीं विटामिन D थकान और हड्डियों के दर्द को दूर भगाता है।विटामिन E दिल और विटामिन K हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है।

एनर्जी की खदान है

क्‍या आप जानते हैं कि हम अपनी डाइट में जो कार्ब खाते हैं उनकी तुलना में घी ऊर्जा का बेहतर स्रोत है।

दरअसल, घी में मीड‍ियम-चेन-फैटी एसिड होते हैं, जिन्‍हें लीवर सीधे सोख लेता है और जल्‍द ही बर्न भी कर देता है।

Article By News Exchange Team
भारतीय लोगों के लिए  Desi Ghee Superfood  क्यों ?
क्यों विशेषज्ञ रोजाना देशी घी खाने की सलाह देते हैं?
Why Desi Ghee is Superfood for Indian people?
kyon visheshagy rojaana deshee ghee khaane kee salaah dete hain?


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